कुत्ते का दांत लगने पर घरेलू उपचार ! कुत्ते का काटना के लक्षण ! कुत्ते के काटने पर इंजेक्शन

 कुत्ते का दांत लगने पर घरेलू उपचार ! कुत्ते का   काटना के लक्षण ! कुत्ते के काटने पर इंजेक्शन

HUMAN KA KATTA HUA KUTTA

अगर आपको या आपके बच्चे को जानवर ने काटा हो या उससे खरोंच लग गयी हो तो जख्म संक्रमित हो सकता है। जख्म को तुरंत साफ़ करें और जितनी जल्दी हो सके डॉक्टर से मिलें। अगर जानवर आपके परिवार का पालतू भी हो, तो आपको इन चरणों का पालन करना चाहिए:

  कुत्ते का दांत लगने पर घरेलू उपचार

1. जख्म को साबुन और पानी से अच्छी तरह धो लें।

 2. खून बहना रोकने के लिए उस जगह को दबाएं। 

3. जब खून बहना बंद हो जाए तो जख्म पर नेओस्पोरिन जैसी कोई एंटीबायोटिक क्रीम लगाएं। 

4. काटी हुई या खरोंच वाली जगह को एक साफ बैंडेज से ढक दें। 

5. यदि संभव हो तो उसी दिन चिकित्सकीय सहायता प्राप्त करें।

  •  काटने से हुए जख्म अक्सर छेड़ वाले होते हैं जो सफाई नहीं होने पर संक्रमित हो सकते हैं।
  •  अगर किसी भी तरह के टांकें की ज़रूरत हो तो जानवर के काटने के शुरुआती 12 घंटों के बीच किया जाना चाहिए।
इंसान द्वारा काटे जाने पर भी वही प्राथमिक उपचार और तत्काल चिकित्सकीय सहायता मिलनी चाहिए जो जानवर के काटने पर ली जाती है। आपके बच्चे को अगर पिछले 5 वर्षों में टिटनेस का कोई टीका नहीं लगा है तो उसे यह टीका लगाया जाएगा। वयस्क को हर 10 साल में टीके की ज़रूरत होती है। अपने डॉक्टर के दिए गए निर्देशों के अनुसार इलाज करें। जख्म के ठीक होने तक, हर दिन बैंडेज हटाएं और घाव की जांच करें। जख्म को साबुन और पानी से साफ़ करें और इसके ठीक होने तक साफ़ पट्टी लगाएं।

आपका डॉक्टर जानवर के द्वारा काटे जाने की सूचना आपके स्थानीय स्वास्थ्य विभाग को देगा। यह काटे जाने के 24 घंटों के भीतर किया जाना चाहिए।

  कुत्ते का काटना के लक्षण

• जख्म लाल हो, सूजा हुआ हो, छूने पर गर्म लगता हो या ज्यादा दर्द करे।
• जख्म ज्यादा रिसता हो या इससे दुर्गंध आए। 
• मुँह से जाँच करने पर 101 डिग्री फारेनहाइट या 38 डिग्री सेल्सियस से ज़्यादा बुखार हो। 
  • अपने डॉक्टर को कॉल करें, 

    कुत्ते के काटने पर इंजेक्शन

• जिस जानवर ने आपको या आपके बच्चे को काटा, उसके मलिक की जानकारी नहीं होने पर तुरंत अपने डॉक्टर   को कॉल करें। जानवर को रेबीज (जलातंक) हो सकता है। 

• यदि जानवर पालतू था, तो उसके मालिक को ढूंढ़ने की कोशिश करें। पता लगाएं कि क्या जानवर को रेबीज के   इंजेक्शन लगे थे या नहीं, और किस तारीख को लगे थे। उपचार की योजना बनाने के लिए डॉक्टर के लिए ये बातें   जानना ज़रूरी हैं। 

• जब भी संभव हो, जानवर को घेरे वाली जगह में लोगों और अन्य जानवरों से 10 दिनों के लिए दूर रखें। उसके     व्यवहार में आने वाले बदलावों पर नजर रखें। किसी खूंखार या जंगली जानवर को पिजड़े में बंद करने की   कोशिश  न करें। पुलिस या जानवर नियंत्रण विभाग को कॉल करें। 

• अगर आपको या आपके बच्चे को चमगादड़ ने काटा हो या आप चमगादड़ वाले कमरे में सो गए हों तो आपको      डॉक्टर से ज़रूर मुलाकात करनी चाहिए।

जानवरों के आस-पास सुरक्षा बचाव

अपने बच्चे को जानवर के आस-पास सुरक्षित रहना सिखाएं। 
• भोजन करते हुए किसी जानवर को कभी परेशान न करें। 
• अपने पालतू जानवर के कान या पूंछ न खींचें। 
• अपने पालतू जानवर को धीरे-से उठाएं।
• जानवर को दुलार करने के बाद अपने हाथ धोएं।
• जंगली जानवरों या अनजान जानवरों को खाना न खिलाएं।
• छोटे बच्चों को जानवर के टैंक या पिजड़े में अपने हाथ नहीं डालने चाहिए।
• पालतू जानवरों को पट्टे से बांधकर रखें।

अगर कोई कुत्ता डरा रहा हो:



• कभी भी न तो चिल्लाएं और न ही दौड़ें। 

• अपने हाथों को अपनी बगलों में रखकर एकदम स्थिर खड़े रहें। कुत्ते की आँखों में आंख डालकर देखने से बचें।       जब कुत्ता आपमें दिलचस्पी लेना बंद कर दे, तो धीरे-धीरे पीछे चलते जाएं जब तक कि वह नजरों से ओझल न हो     जाए। 

• अगर कुत्ता हमला करे, तो अपनी जैकेट, किताबों का बैग, या जो कुछ भी आपके पास हो उसे अपने और कुत्ते         के   बीच ले आएं। 

• अगर आप गिर जाएं या जमीन पर गिरा दिए जाएं, तो अपने हाथों को अपने कानों के ऊपर रखकर किसी गोल      चीज की तरह गुड़ी-मुड़ी हो जाएं और हिलें-डुलें नहीं। कोशिश करें कि आप चीखें नहीं या गोल-गोल भागें नहीं।

 • अगर कुत्ता गुर्रा रहा हो या पास आने पर गुर्राना शुरू कर दे तो हमेशा उस जगह से चले जाएं। कभी भी भागें         नहीं!


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