corona , को लेकर हर ओर कई अफवाहें, फैली है,। ये है उसकी सच्चाई-2022-growupfuture

 corona की सच्चाई - growupfuture

corona की सच्चाई को लेकर हर ओर कई अफवाहें फैली है। ये है उसकी सच्चाई।

कोरोना के लेकर हर ओर कई अफवाहें फैली है। ये है उसकी सच्चाई-2022-growupfuture
कोरोना के लेकर हर ओर कई अफवाहें फैली है। ये है उसकी सच्चाई-2022-growupfuture


  • 1.ठंड का मौसम और बर्फ कोरोनावायरस को नहीं मार सकते।

  • 2.कोरोनो वायरस को मारने में हैंड ड्रायर प्रभावी नहीं हैं

    • 3.ऐसा कोई प्रमाण नहीं है कि नियमित रूप से       सलाइन से नाक धोने पर कोरोनावायरस के         संक्रमण से बचाव होता है।
    • 4.गर्म और आर्द्र जलवायु वाले क्षेत्रों में                   कोरोनावायरस का संक्रमण हो सकता है।
    • 5.अल्ट्रावायलेट का उपयोग त्वचा को                   कीटाणुमुक्त बनाने के लिए नहीं किया जाना      चाहिए । यह त्वचा में जलन पैदा कर सकता है।
    • 6.लहसुन में कुछ रोगाणुरोधी गुण हो सकते हैं।      हालांकि, इस बात का कोई प्रमाण नहीं है कि      लहसुन खाने से लोग वायरस के संक्रमण से        बच जाते हैं।
    • 7.मच्छर के काटने से कोरोना वायरस नहीं           फैल सकता है।
    • 8.थर्मल स्कैनर ऐसे लोगों की पहचान कर सकते    हैं जिन्हें बुखार है। लेकिन वे कोरोना वायरस के    संक्रमित लोगों का पता नहीं लगा सकते।
    • 9.एंटीबायोटिक्स वायरस के खिलाफ काम नहीं       करते हैं, एंटीबायोटिक्स केवल बैक्टीरिया से        हुए संक्रमण को दूर करते हैं।
    • 10.ऐसा कोई सबूत नहीं है कि कुत्ते या बिल्ली           जैसे जानवर/ पालतू जानवर से कोरोन              वायरस का संक्रमण फैल सकता है।
    • 11.अल्कोहल या क्लोरीन का छिड़काव उन             वायरस को मारने में मदद नहीं करेगा जो           शरीर में प्रवेश कर चुके हैं। सिर्फ ऊपर से         कीटाणुमुक्त रखने के लिए इसका उपयोग         किया जा सकता है।
    • 12.आज तक, कोरोनावायरस के संक्रमण को        रोकने या इसके संक्रमण के इलाज के लिए        कोई प्रामाणिक दवा उपलब्ध नहीं है।

    • 13.गर्म स्नान से कोरोनावायरस के संक्रमण से        बचाव होता है।
    • 14.न्यूमोनिया के खिलाफ टीके, जैसे कि                न्यूमोकोकल वैक्सीन और हीमोफिलस              इन्फ्लुएंजा टाइप बी (एचआईबी) वैक्सीन,          कोरोनावायरस से बचाव नहीं करते हैं।
     नोट : कंटेंट का स्रोत विश्व स्वास्थ्य संगठन

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